हिंदी दिवस पर दें ये भाषण
आदरणीय मुख्य अतिथि, शिक्षकों और मेरे मित्रों को नमस्कार
मैं हिंदी दिवस के महत्व पर कुछ शब्द कहने के उपस्थित हुआ/
हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को देश भर में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. हिंदी ने हमें दुनियाभर में पहचान दिलाई है. भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के कई देशों में हिंदी बोली जाती है. हिंदी विश्व की प्राचीन, समृद्ध और सरल भाषा है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिंदी को जनमानस की भाषा कहा था. उन्होंने 1918 में आयोजित हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाने के लिए कहा था. भारत सालों तक अंग्रेजों का गुलाम रहा. इसी वजह से उस गुलामी का असर लंबे समय तक देखने को मिला. यहां तक कि इसका प्रभाव भाषा में भी पड़ा. वैसे तो हिंदी दुनिया की तीसरी ऐसी भाषा है जिसे सबसे ज्यादा लोग बोलते हैं लेकिन इसके बावजूद हिंदी को अपने ही देश में हीन भावना से देखा जाता है. आमतौर पर हिंदी बोलने वाले को पिछड़ा और अंग्रेजी में अपनी बात कहने वाले को आधुनिक कहा जाता है. इसे हिंदी का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि इतनी समृद्ध भाषा कोष होने के बावजूद आज हिंदी लिखते और बोलते वक्त ज्यादातर अंग्रेजी भाषा के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है. और तो और हिंदी के कई शब्द चलन से ही हट गए. ऐसे में हिंदी दिवस को मनाना जरूरी है ताकि लोगों को यह याद रहे कि हिंदी उनकी राजभाषा है और उसका सम्मन व प्रचार-प्रसार करना उनका कर्तव्य है. हिंदी दिवस मनाने के पीछे मंशा यही है कि लोगों को एहसास दिलाया जा सके कि जब तक वे इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे तब तक इस भाषा का विकास नहीं होगा.
कुछ खास बातें
1. भारतीय युवा Youtube पर 93% विफियो हिंदी में देखते है
2. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीयो के स्मार्टफोन मे औसतन 20 मे से 9 APP हिंदी के हैं
3. हिंदी कंटेंट की मांग करीब 94% की दर से बढ़ रही है, जबकि अंग्रेजी कंटेंट की मांग इससे काफी कम है
4. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा तैयार पावर लैंग्वेज इंडेक्स के मुताबिक वर्ष 2050 तक हिंदी दुनिया की ताकतवर भाषाओं में से एक होगी
5. दुनियाभर में लगभग 176 विश्वविद्यालय ऐसे हैं जहां हिंदी पढ़ाई जाती है। उनमें से 45 विश्वविद्यालय अमेरिका के हैं
जय हिन्द .......
जय भारत............
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