Saturday, 27 July 2019

विज्ञापन की दुनिया

विज्ञापन क्या है

किसी उत्पाद अथवा सेवा को बेचने अथवा प्रवर्तित करने के उद्देश्य से किया जाने वाला जनसंचार विज्ञापन कहलाता है। विज्ञापन विक्रय कला का एक नियंत्रित जनसंचार माध्यम है जिसके द्वारा उपभोक्ता को दृश्य एवं श्रव्य सूचना इस उद्देश्य से प्रदान की जाती है कि वह विज्ञापनकर्ता की इच्छा से विचार सहमति, कार्य अथवा व्यवहार करने लगे।
औद्योगिकीकरण आज विकास का पर्याय बन गया है। उत्पादन बढ़ने के कारण यह आवश्यक हो गया है कि उत्पादित वस्तुओ को उपभोक्ता तक पहुँचाया ही नहीं जाय बल्कि उसे उस वस्तु की जानकारी की दी जाय। वस्तुतः मनुष्य को जिन वस्तुओ की आवश्यकता होती है व उन्हें तलाश ही लेता इसके ठीक विपरीत उसे जिसकी जरूरत नहीं होती वह उसके बारे में सुनकर अपना समय खराब नहीं करना चाहता। इस अर्थ में विज्ञापन वस्तुओ को ऐसे लोगों तक पहुँचाने का कार्य करता है जो यह मान चुके होते है कि उन वस्तुआें की उसे कोई जरूरत नहीं है। आशय यह कि उत्पादित वस्तु को लोकप्रिय बनाने तथा उसकी आवश्यकता महसूस कराने का कार्य विज्ञापन करता है।
विज्ञापन अपने छोटे से संरचना में बहुत कुछ समाये होते है। वह बहुत कम बोलकर भी बहुत कुछ कह जाते है। आज विज्ञापन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह आंख खुलते ही चाय की चुस्की के साथ अखबार में सबसे पहले दृष्टि विज्ञापन पर ही जाती है। घर के बाहर पैर रखते ही हम विज्ञापन की दुनिया से घिर जाते है। चाय की दुकान से लेकर वाहनों और दिवारों तक हर जगह विज्ञापन ही विज्ञापन दिखाई देते हैं।
किसी भी तथ्य को यदि बार-बार लगातार दोहराया जाये तो वह सत्य प्रतीत होने लगता है - यह विचार ही विज्ञापनों का आधारभूत तत्व है। विज्ञापन जानकारी भी प्रदान करते है। उदाहरण के लिए कोई भी वस्तु जब बाजार में आती है, उसके रूप - रंग - सरंचना व गुण की जानकारी विज्ञापनों के माध्यम से ही मिलती है। जिसके कारण ही उपभोक्ता को सही और गलत की पहचान होती है। इसलिए विज्ञापन हमारे लिए जरूरी है।
जहाँ तक उपभोक्ता वस्तुओं का सवाल है, विज्ञापनों का मूल उद्देश्य ग्राहको के अवचेतन मन पर छाप छोड़ जाता है और विज्ञापन इसमें सफल भी होते है। यह 'कहीं पे निगाहें, कही पे निशाना' का सा अन्दाज है।
विज्ञापन सन्देश आमतौर पर प्रायोजकों द्वारा भुगतान किया है और विभिन्न माध्यमों के द्वारा देखा जाता है जैसे समाचार पत्र, पत्रिकाओं, टीवी विज्ञापन, रेडियो विज्ञापन, आउटडोर विज्ञापन, ब्लॉग या वेब्साइट आदि। वाणिज्यिक विज्ञापनदाता अक्सर उपभोक्ताओं के मन में कुछ गुणों के साथ एक उत्पाद का नाम या छवि जोड़ जाते हैं जिसे हम "ब्रान्डिग" कहते है। ब्रान्डिग उत्पाद या सेवा की बिक्री बढाने में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। गैर-वाणिज्यिक विज्ञापनों का उपयोग राजनीतिक दल, हित समूह, धार्मिक संगठन और सरकारी एजेंसियाँ करतीं हैं।
2015 में पूरे विश्व में विज्ञापन पर कोई 529 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च किये जाने का अनुमान है। [1]

अंधो के शहर में आईने बिक रहे है
विज्ञापन की दुनिया का कमाल देखो

करोड़ो की मर्सिडीज से चलने वाला अमिताभ बताता है कि स्कूटर कौन सा अच्छा है..😁

कभी बाइक लेकर सर्विस सेंटर नही गया धोनी ये बताता है कि आपकी बाइक के लिये कौन सा इंजन ऑइल सही रहेगा...😁

जिसने कभी किचन में जा कर एक कप चाय न बनाई हो वो करिश्मा आपको बताती है कौनसे  आटे की रोटी अच्छी बनती है...😁

सबसे मजेदार बात गंजे पति की पत्नी जूही चावला सबको ये समझा रही है कौनसे तेल से बाल बढ़ते है ....😁

जो मोदी अपनी बीबी को नहीं रख सका वो बेटी बचाओ अभियान चला रहा है ....😁               


अमित शाह जिसका खुद दो क्विंटल वज़न है वो लोगों को योगा के फायदे बता रहा है ....😁        ‌ 


साध्वी प्राची साध्वी होते हुए चार बच्चे पैदा करने की सलाह दे रही है ...


 रामदेव जिसने एक चूहिया भी पैदा नहीं कि वो दो बच्चों की पाॅलिसी बनाने की बात कह रहा है...


 जिस देश में घी जलाया जाता हो, दूध बहाया जाता हो और मूत्र पीने की सलाह दी जाती हो ,उस देश का भविष्य क्या होगा आप खुद ही सोचें !!



'आज अंधों की तकदीर बहरे लिख रहे हैं !!
घोडो को मिल नहीं रहीं हैं घास और गधे खा रहे हैं चवनप्राश'
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Tuesday, 23 July 2019

KAISE KARE SCHOLARSHIP KE LIYE ONLINE ,छात्र क्या करें - ( UP Scholarship 2019) छात्रों हेतु महत्वपूर्ण निर्देश

छात्रों हेतु महत्वपूर्ण निर्देश

   छात्र क्या करें-

1• छात्रों हेतु आनलाइन आवेदन पत्र भरने से पूर्व अपने शैक्षिक योग्यता के अंकपत्र/प्रमाण पत्र, जाति/आय प्रमाण पत्र (आनलाइन जारी), बैंक पासबुक, शिक्षण संस्थान में जमा की गयी शुल्क की रसीद, पाठ्यक्रम की अनिवार्य वार्षिक नान रिफण्डेबिल शुल्क धनराशि, वर्तमान विश्वविद्यालय/बोर्ड का अपना पंजीयन क्रमांक, आधार नम्बर, अपना पासपोर्ट साइज का फोटो आदि अभिलेख अपने पास एकत्रित कर लें।
2• छात्र अपना आवेदन आनलाइन करने के पश्चात एवं फाइनल सबमिट करने से पूर्व अपना सम्पूर्ण विवरण यथा- हाईस्कूल/इण्टरमीडियट का रोल नम्बर, जाति/आय प्रमाण-पत्र का क्रमांक, छात्र द्वारा गत परीक्षा में प्राप्त अंकों का विवरण, वर्तमान पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने की न्यूनतम योग्यता, पाठ्यक्रम एवं पाठ्यक्रम का प्रकार, आय प्रमाण-पत्र में अंकित आय, बैंक शाखा का नाम, आई0एफ0एस0 कोड एवं खाता संख्या, अनुमोदित वार्षिक शुल्क की धनराशि, आवेदन पत्र में अंकित की गयी कैटेगरी (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, पिछडा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग) आदि का किया गया अंकन सावधानीपूर्वक जांच कर लें तदोपरान्त ही छात्र अपने आवेदन पत्र को फाइनल सबमिट करें।
3• सभी छात्र अपना आवेदन पत्र स्वयं भरें। आनलाइन आवेदन पत्र के लिये पासवर्ड स्वयं सृजित करें। छात्र यदि साइबर कैफे/संस्था से आवेदन कर रहे हैं तो अपने सामने ही सभी प्रविष्टियों को आवेदन पत्र में भरवायें एवं जांच का प्रिन्ट लेकर स्वयं समस्त प्रविष्टियों की जांच कर लें तथा यदि कोई त्रुटि है तो उसको सुधार करने के उपरान्त ही आवेदन पत्र को आनलाइन सबमिट करें।
4• आवेदन पत्र सबमिट करने के उपरान्त तीन दिन बाद संस्था हेतु फाइनल प्रिन्ट ले सकेंगें, यदि आवेदन पत्र में जाति/आय प्रमाण-पत्र क्रमांक, आय, आधार नम्बर तथा हाईस्कूल/इण्टरमीडियट के रोल नम्बर में कोई त्रुटि होगी तो उसे इन तीन दिनों में आपकी लागिन पर प्रदर्शित किया जायेगा। सही करने के उपरान्त ही आवेदन पत्र शिक्षण संस्थान को सबमिट (Submit) करने हेतु फाइनल प्रिन्ट लें एवं संस्थान से आवेदन पत्र जमा करने की पावती अवश्य लें।
5• अनिवार्य वार्षिक शुल्क (Non Refundable fees) के कालम में शिक्षण संस्थान से जानकारी करने के बाद ही वास्तविक फीस की धनराशि ही अंकित करें।
6• आवेदन पत्र भरने के लिये (01 जुलाई 2019 से प्रारम्भ) निर्धारित अन्तिम तिथि (कक्षा 11-12 एवं अन्य उच्च कक्षाओं हेतु 10 अक्टूबर 2019 तक) से पूर्व ही प्रत्येक दशा में आवेदन पत्र भरना एवं सबमिट करना सुनिश्चित करें एवं हार्ड कापी समस्त संलग्नकों सहित संस्था में जमा करना सुनिश्चित कर लें एवं प्राप्ति रसीद अवश्य प्राप्त कर लें।
7• बचत बैंक खाता संख्या (CBS) एवं IFSC कोड को भलीभांति जांच लें। बचत बैंक खाता संख्या एवं IFSC कोड भरने में जीरो (0) और ओ (O) अक्षर को विशेष ध्यान से भरें। अपनी बैंक शाखा का सही रूप से चयन करें। गलत बैंक शाखा/खाता संख्या भरने पर पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से आपका आवेदन रिजेक्ट हो जायेगा। यह भी ध्यान रखें कि आपका खाता संख्या 11 (ग्यारह) अंकों से कम का न हो। खाता संख्या 11 अंकों से कम अंकों का होने पर सम्बन्धित बैंक शाखा से सम्पर्क करें।
8• अपने आवेदन पत्र की हार्ड कापी के साथ बचत बैंक खाते की पासबुक की छाया प्रति अवश्य संलग्न करें।
9• छात्र प्रथम वर्ष में धनराशि न मिलने पर भी पूर्व आवेदन पत्र का अगली कक्षा में नवीनीकरण ही करें, न कि नवीन आवेदन पत्र भरें। छात्रों को नवीनीकरण हेतु आवेदन पत्र की कुछ अनिवार्य प्रविष्टियों को ही भरना है जिसमें विगत परीक्षा के प्राप्तांक, पूर्णांक, अनिवार्य वार्षिक नान रिफण्डेबिल (Non refundable) फीस, मोबाइल नम्बर, वर्तमान विश्वविद्यालय/बोर्ड का अपना पंजीयन क्रमांक, आधार नम्बर, बचत बैंक खाता संख्या व IFSC कोड आदि भरना होगा। नवीनीकरण हेतु पात्र छात्र आवेदन पत्र में विगत कक्षा के प्राप्तांक को सही भरें क्योंकि अंकों का मिलान विश्वविद्यालय द्वारा अपलोड किये गये परीक्षाफल से किया जायेगा।
10• सभी निजी क्षेत्र के संस्थानों में पाठ्यक्रम का प्रकार स्ववित्त पोषित ही रहेगा। शासकीय (GOVT) एवं शासकीय सहायता प्राप्त (AIDED) संस्थानों में पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम के प्रकार (नियमित (Regular)/स्ववित्त पोषित SELF FINANCE व उसके वर्ष का अंकन सही-सही ध्यानपूर्वक करें। छात्र/छात्रा विगत वर्ष में प्राप्त छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि का अंकन अवश्य करें।
11• छात्र/छात्रा मोबाइल नम्बर एवं ई-मेल आईडी स्वयं की ही दें।
12• वर्तमान सत्र हेतु प्रचलित नियमावली, समय-सारिणी, प्रदर्शित सूचनायें एवं अन्य विस्तृत जानकारी हेतु https://scholarship.up.nic.in पर समय-समय पर सर्च करें एवं वेबसाइट पर निरन्तर प्रदर्शित हो रहे आवश्यक निर्देशों का भली-भांति पालन करें एवं समय-सारिणी में दी गयी समयावधि का उल्लघंन कदापि न करें अन्यथा आप छात्रवृत्ति एवं शुल्क पाने से वंचित हो सकते हैं।

  

  छात्र क्या न करें-

1• शिक्षण संस्था में जमा करने के लिये आवेदन पत्र किसी अन्य व्यक्ति को न सौंपे। शिक्षण संस्थान में स्वयं जमा करें एवं पावती रसीद अवश्य प्राप्त कर लें।
2• अपने व्यक्तिगत विवरण/अभिलेख यथा-हाईस्कूल का अनुक्रमांक व बैंक खाता संख्या तथा आवेदन हेतु सृजित पासवर्ड किसी से भी साझा (Share) न करें।
3• आवेदन पत्र भरने की अन्तिम तिथि का इन्तजार न करें।
4• अनुत्तीर्ण (Fail) छात्र किसी भी दशा में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु आवेदन न करें।
5• शिक्षण संस्थान में जमा करने हेतु आवेदन पत्र का फाइनल प्रिन्ट आउट बिना निकाले आवेदन पत्र भरा हुआ नहीं माना जायेगा। समय-सारिणी में निर्धारित समयावधि में संशोधन करने के उपरान्त भी संस्थान में जमा करने हेतु संशोधित फाइनल प्रिन्ट निकाल कर संस्था में जमा करने एवं संस्था द्वारा अग्रसारित करने के उपरान्त ही संशोधित आवेदन पत्र मान्य होगा।
6• छात्र/छात्रा द्वारा आवेदन पत्र में त्रुटिपूर्ण/अपूर्ण/गलत प्रविष्टियां भरने पर पूर्ण उत्तरदायित्व छात्र/छात्रा का ही होगा एवं आवेदन पत्र निरस्त हो जायेगा तथा छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति अनुमन्य नहीं होगी।
7• यदि आपका डाटा सन्देहास्पद श्रेणी में आ जाता है तो सन्देह के कारण का उत्तर साक्ष्यों सहित अपनी संस्था के माध्यम से तत्काल जनपद स्तरीय अधिकारियों (जिला समाज कल्याण अधिकारी/जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी/जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी) को संस्थान के माध्यम से छात्रवृत्ति वेबसाइट पर प्रदर्शित निर्धारित समयावधि में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि सन्देहास्पद डाटा का अभिलेखों सहित उत्तर निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होता है तथा दिये गये उत्तर/अभिलेखों से छात्र के सही होने के दावे की पुष्टि नहीं होती है तो जनपदीय अधिकारियों द्वारा जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति से निर्णय प्राप्त करते हुये डाटा डिजिटल हस्ताक्षर से अस्वीकृत (REJECT) कर दिया जायेगा।

चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण सफल- अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचा, देशभर में खुशी की लहर..

 चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण सफल, 

 # भारत के लिए आज बेहद खास दिन है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-2 को लॉन्च कर इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) को लेकर 'बाहुबली' रॉकेट (GSLV MK-3) दोपहर 2.43 मिनट पर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रवाना हुआ। रॉकेट ने चंद्रयान-2 को अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचा दिया है। चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को लेकर सतीश धवन स्पेस सेंटर में मौजूद वैज्ञानिकों में खुशी की लहर है।

चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग पर इसरो के चीफ के सिवन ने कहा कि हमने चंद्रयान-2 की तकनीकी दिक्कत दूर कर इस मिशन को अंतरिक्ष में भेजा। इसकी लॉन्चिंग हमारी सोच से भी बेहतर हुई है। चांद की तरफ भारत की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत हुई। चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। उन्होंने कहा कि अभी टास्क खत्म नहीं हुआ है। हमें अपने अगले मिशन पर लगना है।

इसरो की तरफ से कहा गया है कि अभी रॉकेट की गति बिल्कुल सामान्य है। सब कुछ प्लानिंग के हिसाब से ही चल रहा है। दोनों एस- 200 रॉकेट्स चंद्रयान-2 से अलग हो गए हैं।

इसरो के मुताबिक चंद्रयान-2 की लैंडिंग के अखिरी के 15 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होंगे, जब लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला होगा। उन्होंने कहा कि मिशन पूरी तरह से कामयाब सबित होगा और चंद्रमा पर नई चीजों की खोज करने में सफल रहेगा।
परीक्षा विशेष-

         चंद्रयान-2 


चंद्रयान-2 को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने की जिम्मेदारी इसरो ने अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल- मार्क 3 (जीएसएलवी-एमके 3) को दी थी। इस रॉकेट को स्थानीय मीडिया से 'बाहुबली' नाम मिला। 640 टन वजनी रॉकेट की लागत 375 करोड़ रुपये है।

इस रॉकेट ने 3.8 टन वजन वाले चंद्रयान-2 को लेकर उड़ान भरी। चंद्रयान-2 की कुल लागत 603 करोड़ रुपये है। अलग-अलग चरणों में सफर पूरा करते हुए यान सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव की निर्धारित जगह पर उतरेगा। अब तक विश्व के केवल तीन देशों अमेरिका, रूस व चीन ने चांद पर अपना यान उतारा है। 2008 में भारत ने चंद्रयान-1 लॉन्च किया था। यह एक ऑर्बिटर अभियान था।
चंद्रयान-2 के तीन हिस्से हैं-ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर। अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के सम्मान में लैंडर का नाम विक्रम रखा गया है। रोवर का नाम प्रज्ञान है, जो संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ज्ञान। चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद लैंडर-रोवर अपने ऑर्बिटर से अलग हो जाएंगे। लैंडर विक्रम सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव के नजदीक उतरेगा। लैंडर उतरने के बाद रोवर उससे अलग होकर अन्य प्रयोगों को अंजाम देगा। लैंडर और रोवर के काम करने की कुल अवधि 14 दिन की है। चांद के हिसाब से यह एक दिन की अवधि होगी। वहीं ऑर्बिटर सालभर चांद की परिक्रमा करते हुए विभिन्न प्रयोगों को अंजाम देगा।

धन्यवाद

बंदे है हम उरई के 

हम्पे किसका जोर 

मच्छर चौराहें पे. पुलिस खङी हो  तो 
निकल जाते है बाज़ारिया  की ओर

 सिर्फ हमारा उरई

वो गर्मीयो की शाम,
ओर वो घण्टाघर * का"जाम"
.
वो रेल्वे स्टेशन की  "हवा",
ओर वो डॉक्टर चंद्रा की "दवा"

वो चूड़ीवाली गली की"शाँपींग"
ओर कालपी बस स्टैन्ङ कि"हिटिंग"

वो *माहिल तालाब *  का नजारा
ओर वो छूटन चाट वाला हमारा
ओर वो लालमन की जलेबी
वो पीलीकोठी वाली पुरानी हवेली

ओर वो  *गोपी का "पान"

वो इंसानो का व्यवहार
ओर आप सभी कर रहे हैं "विचार"

वो तुलसीनगर की "छोरी‍या "
और वो "बाँके की कचोरी‍या "

वो "  मोहन  " की कड़क "चाय"
ओर वो * बच्चाराम* कि पूरी सब्ज़ी क्यूँ ना खाए"

वो  उरई के "नजारे"
ओर वो *मन्दिर की हमारे

वो *बाज़ारिया * की "सडके"
जहा ना जाने कितने दिल "धडके"

वो मस्ती से भरी  "यादें"
ऐसी है कुछ हमारे उरईकी बातें
 😊😀😊😀😊😀
उरई वालो से  नाता हो तो आगे FORWARD करो

🌹🌹जिला जालौन🌹🌹