Tuesday, 23 July 2019

बंदे है हम उरई के 

हम्पे किसका जोर 

मच्छर चौराहें पे. पुलिस खङी हो  तो 
निकल जाते है बाज़ारिया  की ओर

 सिर्फ हमारा उरई

वो गर्मीयो की शाम,
ओर वो घण्टाघर * का"जाम"
.
वो रेल्वे स्टेशन की  "हवा",
ओर वो डॉक्टर चंद्रा की "दवा"

वो चूड़ीवाली गली की"शाँपींग"
ओर कालपी बस स्टैन्ङ कि"हिटिंग"

वो *माहिल तालाब *  का नजारा
ओर वो छूटन चाट वाला हमारा
ओर वो लालमन की जलेबी
वो पीलीकोठी वाली पुरानी हवेली

ओर वो  *गोपी का "पान"

वो इंसानो का व्यवहार
ओर आप सभी कर रहे हैं "विचार"

वो तुलसीनगर की "छोरी‍या "
और वो "बाँके की कचोरी‍या "

वो "  मोहन  " की कड़क "चाय"
ओर वो * बच्चाराम* कि पूरी सब्ज़ी क्यूँ ना खाए"

वो  उरई के "नजारे"
ओर वो *मन्दिर की हमारे

वो *बाज़ारिया * की "सडके"
जहा ना जाने कितने दिल "धडके"

वो मस्ती से भरी  "यादें"
ऐसी है कुछ हमारे उरईकी बातें
 😊😀😊😀😊😀
उरई वालो से  नाता हो तो आगे FORWARD करो

🌹🌹जिला जालौन🌹🌹


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