Saturday, 10 August 2019

राष्ट्र-प्रेम/15 अगस्त special (2019)


राष्ट्र-प्रेम

राष्ट्र-प्रेम का अर्थ है, सबसे पहले किसी के लिए भी उसके देश के प्रति हित होना उसके विकास के लिए पूर्ण रूप से योगदान देना और फिर जरूरत पड़ने पर देश लिए बलिदान देना / किसी भी व्यक्ति का देश के प्रति अमुल्य प्रेम और भक्ति, देशभक्ति कि भावना को परिभाषित करती है। जो लोग सच्चे देशभक्त होते हैं, वे अपने देश के प्रति और उसके निर्माण के लिए कुछ भी कर सकते हैं। 

प्रसिद्ध भारतीय देशभक्त

 ब्रिटिश शासनकाल के दौरान कुछ सच्चे देशभक्त-

  1. शहीद भगत सिंह
भगत सिंह जी को एक सच्चा देशभक्त  है। उन्होंने हमारे देश को ब्रिटिश सरकार के गुलामी से मुक्त कराने के लिए स्वतंत्रता संग्रामों में भाग लिया और एक क्रांति शुरू कर दे। वे अपने मिशन के प्रति इतने समर्पित थे कि उन्होंने मातृभूमि के प्रति अपने प्राण त्यागने से पहले एक बार भी नहीं सोचा। वे कई नागरिकों के लिए एक प्रेरणा साबित हुए।
  1. सुभाष चंद्र बोस
सुभाष चंद्र बोस जी को नेताजी के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने भारत को अंग्रेज सरकार के गुलामी से मुक्त कराने के लिए स्वतंत्रता संग्राम में मुख्य भूमिका निभाई और वे अपने मजबूत विचारधाराओं के लिए जाने जाते है। विभिन्न स्वतंत्रता आंदोलनों का हिस्सा होने के अलावा बोस जी अंग्रेजों को देश से बाहर निकालने में अन्य सेनानियों का भी साथ दिये, बोस जी ने हिंदू-मुस्लिम की एकता को भी बढ़ावा दिया।
  1. बाल गंगा धर तिलक

बाल गंगा धर तिलक जी देशभक्ति की भावना से जुड़े हुए थे। उनका कहना था कि, “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” इससे यह निर्धारित होता है कि वे कैसे ब्रिटिश शासकों के अत्याचारों से देश को मुक्त करने में सक्षम थे। तिलक जी ब्रिटिश सरकार के क्रूर व्यवहार की निंदा करते हुए भारत के नागरिकों के लिए स्वयं सरकार के अधिकार की मांग की।
  1. मोहनदास करमचन्द गांधी
भारत में स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनका योगदान सभी के द्वारा जाना जाता है कि कैसे उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ अनेक स्वतंत्रता आंदोलनों का नेतृत्व किया है। वे "सादा जीवन उच्च विचार" के एक आदर्श उदाहरण है। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता का सपना देखा और उसे अद्वितीय तरीके से इसे प्राप्त करने की दिशा में कड़ी मेहनत की।

5. रानी लक्ष्मीबाई

रानी लक्ष्मीबाई (जन्म: 19 नवम्बर 1828[1] – मृत्यु: 18 जून 1858) मराठा शासित झाँसीराज्य की रानी और [[१८५७ की द्वितीय शहीद वीरांगना (प्रथम शहीद वीरांगना रानी अवन्ति बाई लोधी 20 मार्च 1858 हैं) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 के भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] की वीरांगना थीं। उन्होंने सिर्फ़ 23 साल की उम्र में अंग्रेज़ साम्राज्य की सेना से जद्दोजहद की और रणभूमि में वे वीरगति को प्राप्त हुईं  

6.सरोजनी नायडू

अपने समय की एक प्रसिद्ध गायिका सरोजिनी नायडू जी भी दिल से एक देशभक्त थी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और देश को ब्रिटिश शासन से मुक्त करने की दिशा में अपना योगदान भी  दिया। इन्होंने नागरिक अवज्ञा आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसके कारण उन्हें अन्य प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान फिर से इन्हें गिरफ्तार किया गया, परन्तु फिर भी इनके दिल से देशभक्ति की भावना नहीं मिटी//

                          जय हिन्द .......

                          जय भारत............


(इसी प्रकार की जानकारियों के लिए पढ़ते रहे हमारे post)

(Facebook पर हमसे जुड़े और पढ़े सुन्दर-सुन्दर लेख)Link नीचे है

3 comments: